ताल तिलवाड़ा
ताल तिलवाड़ा में 16 मात्राएं होती हैं। इसमें चार-चार मात्राओं
के चार विभाग होते हैं। पहली, पांचवी और तेहरवी मात्रा पर ताली बजाई जाती है, जबकि
नौंवी मात्रा पर कोई ताली नहीं होती। इस ताल का उपयोग शास्त्रीय संगीत में किया जाता
है। यह पखावज की ताल है और इसे पखावज पर खुले बोलों में बजाया जाता है। इस ताल में
बड़े ख्याल और ध्रुपद गाए जाते हैं।





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